UP Board Class 12 Question Bank 2026 : Gyansindhu Pariksha Prahar General Hindi सामान्य हिंदी की क्वेश्चन बैंक 2026 (Full Book – PAGE-7)
सूर्यकांत त्रिपाठी’ निराला’ (1897-1962)
- निराला जी का दार्शनिक आधार’ अद्वैतवाद’ है।
- इन्होंने’ मतवाला’ और’ समन्वय’ नामक पत्रों का सम्पादन भी किया है।
- सूर्यकांत त्रिपाठी’ निराला’ का’ निराला’ उपनाम,’ मतवाला’ के तुक पर रखा गया था।
- निराला को ‘महाप्राण’ कवि भी कहा जाता है।
छायावादी रचनाएं : अनामिका (1923), परिमल (1930), गीतिका (1936), तुलसीदास (1938)।
अन्य रचनाएं – कुकुरमुत्ता, अणिमा, बेला, नए पत्ते, अर्चना, आराधना, गीत गुंज, सांध्यकाकली
प्रमुख कविताएँ – सरोजस्मृति (1935), राम की शक्ति पूजा (1936), सांध्यसुंदरी, अपरा, पंचवटी प्रसंग, भिक्षुक, बादलराग, स्नेह निर्झर बह गया है, महाराज शिवाजी के पत्र, वर दे वीणा वादिनी वर दे’, महँगू महँगा रहा, गर्म पकौड़ी, रानी और कानी, मास्को डायलाग्स, आदि।
सुमित्रानंदन पंत ( 1900.1977 )
छायावादी रचनाएं : उच्छवास ( 1920 ), ग्रन्थि ( 1920 ), वीणा ( 1927 ), पल्लव ( 1928 ), गुंजन ( 1932 )
प्रगतिवादी रचनाएं : – युगान्त (1936), युगवाणी (1939), ग्राम्या (1940),
अन्तश्चेतनावादी रचनाएं : स्वर्ण किरण (1947), स्वर्ण धूलि (1947), वाणी, युग पथ।
नवमानवतावादी रचनाएं : उत्तरा (1949), कला और बूढ़ा चांद (1959), अतिमा (1955), लोकायतन (1964, महाकाव्य), चिदम्बरा।
काव्य नाटक : 1. रजत शिखर, 2. शिल्पी, 3. सौवर्ण, 4. अतिमा, 5. मधुवन, 6. युग पुरुष, 7. छाया, 8. मानसी, 9. ज्योत्स्ना।
प्रमुख कविताएँ : नौका विहार, परिवर्तन, मौन निमंत्रण, बापू, बापू के प्रति, ताज, प्रथम रश्मि, आदि।
महादेवी वर्मा ( 1907-1988 )
काव्य संग्रह- नीहार (1930), रश्मि (1932), नीरजा (1935), सांध्यगीत (1936), यामा (1940), दीपशिखा (1942), सप्तपर्णा (1960)
प्रमुख कविताएँ : जाग बेसुध जाग, जाग तुझको दूर जाना, पंथ होने दो अपरचित, हे धरा के अमर सुत! तुझको अशेष प्रणाम!
गद्य रचनाएँ – स्मृति की रेखाएँ (रेखाचित्र) अतीत के चलचित्र (संस्मरण/रेखाचित्र), पथ के साथी व मेरा परिवार (संस्मरण), श्रृंखला की कड़ियाँ (निबंध)
छायावाद स्पेशल पॉइंट्स
छायावाद के कवि चतुष्टय :-
- जयशंकर प्रसाद,
- सुमित्रानंदन पंत,
- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
- महादेवी वर्मा।
छायावाद के वृहत्त्रयी :-
- जयशंकर प्रसाद,
- सुमित्रानंदन पंत,
- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
छायावाद की लघुत्रयी :-
- महादेवी वर्मा,
- रामकुमार वर्मा,
- भगवती चरण वर्मा
छायावाद के ब्रह्मा, विष्णु, महेश :-
- ब्रह्मा -जयशंकर प्रसाद
- विष्णु – सुमित्रानंदन पंत
- महेश- सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’
ज्ञानपीठ पुरस्कार :-
- चिदंबरा – सुमित्रानंदन पंत (1968 ई.)
- उर्वशी – रामधारी सिंह दिनकर -1972 ई.
- कितनी नावों में कितनी बार – अज्ञेय -1978 ई.
- यामा – महादेवी वर्मा -1982 ई.
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