UP Board Class 12 Question Bank 2026 : Gyansindhu Pariksha Prahar General Hindi सामान्य हिंदी की क्वेश्चन बैंक 2026 (Full Book – PAGE-27)
(रॉबर्ट नर्सिंग होम में) – कन्हैयालाल मिश्र ‘प्रभाकर’ -2
(3) मैंने बहुतों को रूप से पाते देखा था, बहुतों को धन से और गुणों से भी बहुतों को पाते देखा था, पर मानवता के आँगन में समर्पण और प्राप्ति का यह अद्भुत सौम्य स्वरूप आज अपनी ही आँखों देखा कि कोई अपनी पीड़ा से किसी को पाये और किसी का उत्सर्ग सदा किसी की पीड़ा के लिए ही सुरक्षित रहे ।
- उपर्युक्त गद्यांश के लेखक एवं पाठ का नाम लिखिए।
उत्तर- प्रस्तुत गद्यांश के लेखक कन्हैया लाल मिश्र ’प्रभाकर’ तथा पाठ का नाम ’राबर्ट नर्सिंग होम में’ है।
- प्रायः गुणी व्यक्ति का लोगों पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर- प्रायः गुणी व्यक्ति का लोगों पर यह प्रभाव पड़ता है कि वे अपने गुणों के द्वारा दूसरों को अपना बना लेते हैं।
- प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने किस भाव को व्यक्त किया है?
उत्तर- प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने मदर टेरेसा के मानवतावादी दृष्टिकोण को व्यक्त किया है।
- प्रस्तुत गद्यांश के माध्यम से लेखक ने किसकी झाँकी प्रस्तुत की है?
उत्तर- लेखक ने विष्वप्रसिद्ध मानव-सेविका मदर टेरेसा की सेवा-भावना एवं आत्म-त्याग की मनोरम झाँकी प्रस्तुत की है।
- लेखक ने किसके सम्बन्ध में विचार व्यक्त किया है?
उत्तर- लेखक ने मानव सेविका मदर टेरेसा की सेवा-भावना एवं आत्म-त्याग के सम्बन्ध में विचार व्यक्त किया है।
- गद्यांश के रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए ।
उत्तर– रेखांकित अंश की व्याख्या- लेखक कहता है कि मैंने संसार में ऐसे बहुत से व्यक्तियों को देखा है, जो अपनी विशिष्टताओं से लोगों को अपना बना लेते हैं और अपार यश अर्जित करते हैं। कुछ लोग अपने रूप-सौन्दर्य द्वारा लोगों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं तो कुछ ऐसे भी लोग होते हैं, जिनके पास अपार धन होता है और वे उसके बल पर लोगों को प्रभावित करते हैं।
कुछ लोगों में कोई विशिष्ट गुण होता है उन्हीं गुणों द्वारा बहुत कुछ प्राप्त कर लेते हैं, परन्तु आज लेखक ने ऐसी अद्भुत नारी को देखा, जिसने मानवता के लिए सर्वस्व समर्पित करके दूसरों की श्रद्धा और आदर को प्राप्त किया।
- लेखक ने समर्पण और प्राप्ति का कौन-सा अद्भुत सौम्य स्वरूप देखा?
उत्तर- लेखक ने समर्पण और प्राप्ति का यह अद्भुत सौम्य स्वरूप देखा कि कोई अपनी पीड़ा से किसी को पाए और किसी का उत्सर्ग सदा किसी को पीड़ा के लिए ही सुरक्षित रहे।
(4) यह अनुभव कितना चमत्कारी है कि यहाँ जो जितनी अधिक बूढ़ी है वह उतनी ही अधिक उत्फुल्ल, मुसकानमयी है। यह किस दीपक की जोत है? जागरूक जीवन की! लक्ष्यदर्शी जीवन की! सेवा निरत जीवन की! अपने विश्वासों के साथ एकाग्र जीवन की। भाषा के भेद रहे हैं, रहेंगे भी, पर यह जोत विष्व की सर्वोत्तम जोत है।
- उपर्युक्त गद्यांश का सन्दर्भ लिखिए।
उत्तर- सन्दर्भ- प्रस्तुत गद्यांश रॉबर्ट नर्सिंग होम में’ नामक पाठ से उद्धृत है। इसके लेखक कन्हैया लाल मिश्र ‘प्रभाकर’ हैं।
- कौन-सी ज्योति विष्व की सर्वोत्तम ज्योति है ?
उत्तर- लेखक के अनुसार सबके हृदय में सेवा भावना और प्यार की ज्योति विष्व की सर्वोत्तम ज्योति है।
- प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने किस प्रसंग का वर्णन किया है?
उत्तर- प्रस्तुत गद्यांश में लेखक ने मदर मारग्रेट की सेवा-भावना एवं उनके व्यक्तित्व की महिमा का वर्णन किया है।
- ‘‘भाषा के भेद रहे हैं, रहेंगे भी, पर यह जोत विष्व की सर्वोत्तम जोत है।’’ इस वाक्य के भाव को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर- इस वाक्य में निहित भाव यह है कि राबर्ट नर्सिंग होम में रहनेवाली सेवापरायण नर्सों के देश व भाषाएँ अलग-अलग हैं, किन्तु उनके मन में प्रज्वलित प्यार और सेवा की ज्योति सारे संसार में अद्भुत और सर्वोत्तम है।
- लेखक ने नर्सों का जीवन कैसा बताया है?
उत्तर- लेखक ने नर्सों के जीवन को अलौकिक और सर्वोत्तम ज्योति बताया है।
- ‘‘यह किस दीपक की जोत है?’’ इस वाक्य में क्या भाव निहित है?
उत्तर- ‘‘यह किस दीपक की जोत है?’’ इस वाक्य में यह भाव निहित है कि राबर्ट नर्सिंग होम में रोगियों की सेवा करनेवाली नर्से अपने कार्य में इतनी अधिक तल्लीन और प्रसन्नचित्त रहती थीं कि उन्हें देखकर ऐसा प्रतीत होता था, मानो उनके अन्दर कोई अलौकिक तेज हो।
- गद्यांश के रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।
उत्तर- रेखांकित अंश की व्याख्या- कन्हैया लाल मिश्र ‘प्रभाकर’ जी कहते हैं कि इन वृद्धा नर्सों के अंदर कोई दिव्य तेज है, जिससे इनका जीवन सजग बन गया है। ये सब किसी लक्ष्य केन्द्रित सेवा परायण जीवन के प्रकाश को विकीर्ण करने वाले प्राणियों का समूह है। इनमें अद्भुत विष्वास भरा हुआ है।
इनका जीवन एकाग्र साधना का जीवन है। आज भी ये भयंकर रोग से पीड़ित रोगियों को अपनी मुस्कान भरी सेवा से जीवित रहने का अमर संकल्प देती हैं। यद्यपि यहाँ पर रहने वाली नर्सों के देश अलग-अलग हैं, भाषाएँ भिन्न-भिन्न हैं, किन्तु इनके मन में जलने वाली प्यार और सेवा की ज्योति अद्भुत एवं सर्वोत्तम है।
- उपर्युक्त गद्यांश में किस चमत्कारी अनुभव की ओर संकेत किया गया है?
उत्तर- लेखक लिए यह एक चमत्कारी अनुभव था कि राबर्ट नर्सिंग होम में जो नर्स सर्वाधिक वृद्ध, वह उतनी ही अधिक क्रियाशील और सेवापरायण थी, वह उतनी ही अधिक प्रसन्न रहती थी और उसके चेहरे पर उतनी ही अधिक मुस्कान खिली रहती थी।
- यहाँ लक्ष्यदर्शी जीवन की जोत से क्या तात्पर्य है?
उत्तर- यहाँ लक्ष्यदर्शी जीवन की जोत का तात्पर्य यह है कि राबर्ट नर्सिंग होम की नर्सें अपने सेवाकर्म को इस प्रकार करती थीं, मानो उनमें कोई ऐसा अलौकिक तेज हो, जिसके फलस्वरूप वे अपनी सेवा सम्बन्धी कर्म-साधना को एकाग्रचित्त करती थीं। उनका सम्पूर्ण ध्यान और प्रयास रोगियों के समुचित उपचार में ही लगा रहता था। उनके जीवन का एकमात्र ध्येय या लक्ष्य भी केवल यही था।
- ‘जागरूक’ और ‘लक्ष्यदर्शी’ शब्दों के अर्थ लिखिए?
उत्तर- ‘जागरूक’- वह जो जाग्रत अवस्था में हो, चैतन्य। ‘लक्ष्यदर्शी’- लक्ष्य देखने वाला।
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