UP Board Class 12 Gyansindhu General Hindi Question Bank 2026 [Page -31]

UP Board Class 12 Question Bank 2026 : Gyansindhu Pariksha Prahar General Hindi सामान्य हिंदी की क्वेश्चन बैंक 2026 (Full Book – PAGE-31

पवन-दूतिका  (2)

(4)       नीले फूले कमल दल-सी गात की श्यामता है।

            पीला प्यारा वसन कटि में पैन्हते हैं फबीला ।।

छूटी काली अलक मुख की कान्ति को है बढ़ाती ।

सद्वस्त्रों में नवल तन की फूटती-सी प्रभा है ।

साँचे ढाला सकल वपु है दिव्य सौन्दर्यशाली।

सत्पुष्पों-सी सुरभि उसकी प्राण-सम्पोषिका है।

दोनों कन्धे वृषभ-वर-से हैं बड़े ही सजीले।

लम्बी बाँहें कलभ-कर-सी शक्ति की पेटिका हैं।

राजाओं-सा शिर पर लसा दिव्य आपीड़ होगा।

शोभा होगी उभय श्रुति में स्वर्ण के कुण्डलों की।

नाना रत्नाकलित भुज में केयूर होंगे।

मोतीमाला लसित उनका कम्बु सा कण्ठ होगा।

  1. उपर्युक्त पद्यांश के कवि एवं कविता का नाम लिखिए।

उत्तर-     उपर्युक्त

  1. नायिका ने कृष्ण की क्या-क्या विशेषताएँ बतायी हैं?

उत्तर-    नायिका के अनुसार श्रीकृष्ण की निम्न विशेषताएँ हैं- 1. देवताओं जैसी अलौकिक कान्ति 2. सुगन्ध युक्त शरीर 3. साँड़ के समान कन्धों वाला, 4. हाथी के सूँड़ जैसी भुजाओं वाला।

  1. प्रस्तुत पद्यावतरण में नायिका ने किसे प्राण पोषिका के समान बताया है?

उत्तर-     प्रस्तुत पद्यावतरण में नायिका ने उत्तम पुष्प के सदृश श्रीकृष्ण के शरीर से निकलने वाली सुगन्ध को प्राण पोषिका के समान बताया है।

  1. प्रस्तुत कविता में किस छन्द का उल्लेख किया गया है?

उत्तर-    प्रस्तुत कविता में मन्दाक्रान्ता छन्द है।

  1. राधा पवन दूतिका को कृष्ण की क्या पहचान बता रही है?

उत्तर-    राधा पवन दूतिका को कृष्ण की पहचान यह बताती है कि कृष्ण कटि में पीला वस्त्र धारण करते हैं और कमल के समान उनके शरीर की श्यामता है।

  1. श्रीकृष्ण अपनी कमर में कैसा वस्त्र धारण करते हैं?

उत्तर –   श्रीकृष्ण अपनी कमर में पीला वस्त्र धारण करते हैं।

  1. इस काव्यांश में कौन-सा अलंकार है?

उत्तर –   उपमा अलंकार।

  1. अलक, सकल, कलभ -कर, वृषभवर, सुरभि एवं कांति शब्दों के अर्थ लिखिए।

उत्तर-    अलक- बाल, सकल- सम्पूर्ण, कलभ-कर- हाथी की सूड, वृषभवर- श्रेष्ठ बैल, सुरभि- सुगंध।

  1. श्रीकृष्ण के शरीर की श्यामलता कैसी है?

उत्तर-    नीले फूले कमल दल के समान है।

  1. राधा पवन से कृष्ण को पहचानने का क्या उपाय बताती है?

उत्तर-    राधा पवन से कृष्ण को पहचानने का उपाय बताते हुए कहती है कि उनके शरीर की श्यामल छवि नीले कमल पुष्प के सदृश है और अपने शरीर पर अत्यन्त आकर्षक पीला सुन्दर वस्त्र अपनी कमर में धारण किये रहते हैं।

  1. अलक’ तथा ‘सकल’ शब्द का अर्थ लिखिए।

उत्तर-    ‘अलक’ शब्द का अर्थ है- बालों की लट तथा ‘सकल’ का अर्थ ‘सम्पूर्ण या सारा’ है।

  1. कलभ-कर-सी’ में कौन-सा अलंकार है?

उत्तर-    ‘कलभ कर-सी’ में उपमा अलंकार है।

  1. रेखांकित अंश का भावार्थ लिखिए।

उत्तर-   प्रथम रेखांकित अंश की व्याख्या – श्रीकृष्ण के दोनों कन्धे श्रेष्ठ साँड़ के समान विशाल और बलिष्ठ हैं। उनकी भुजाएँ हाथी के सूँड़ के समान शक्ति की पिटारी हैं।

द्वितीय रेखांकित अंश की व्याख्या – राधा पवन दूतिका से कहती है उनके (श्रीकृष्ण के) सिर पर राजाओं के जैसा अलौकिक कान्तियुक्त मुकुट सुशोभित होगा। उसके दोनों कानों में तुझे सुन्दर स्वर्ण-कुण्डल शोभा बिखराते हम दृष्टिगोचर होंगे। वे अपनी दोनों भुजाओं में विभिन्न रत्नों से परिपूर्ण सुन्दर भुजबन्ध धारण किए मिलेंगे। इसके साथ हो उनकी शंख जैसी सुडौल गर्दन में मोतियों की माला शोभित होती दिखेगी।

  1. पाठ का शीर्षक और कवि का नाम लिखिए।

उत्तर-    प्रस्तुत पाठ का शीर्षक ‘पवन-दूतिका’ और इसके रचनाकार (कवि) अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ हैं।

(5)       कोई प्यारा कुसुम कुम्हला गेह में जो पड़ा हो ।

            तो प्यारे के चरण पर ला डाल देना उसी को ।।

            यों देना ऐ पवन बतला फूल-सी एक बाला ।

            म्लाना हो हो कमल-पग को चूमना चाहती है ।।

प्रश्नोत्तर-

  1. राधिका जी दूतिका के रूप में किसे भेज रही है?

उत्तर –   राधिका जी दूतिका के रूप में पवन को भेज रही है।

  1. राधिका जी ने दूतिका से क्या करने को कहा है?

उत्तर-    घर में कोई सुन्दर मुरझाया हुआ फूल पडा हो तो उसे प्रेम के साथ उठाकर प्रियतम के चरणों में डालने को कहती है।

  1. कमल-पग में कौन सा अलंकार है?

उत्तर-    रूपक अलंकार।

  1. कुम्हला एवं म्लाना शब्दों का अर्थ लिखो?

उत्तर –   कुम्हला एवं म्लाना-मुरझाया एवं मलिन/मुरझाया

  1. कमल पग को कौन चूमने की इच्छा प्रकट कर रही है?

उत्तर-    राधिका जी।

  1. रेखांकित अंश की व्याख्या कीजिए।

उत्तर-    रेखांकित अंश की व्याख्या- राधा पवन से कहती है कि यदि उनके घर में कोई कुम्हलाया फूल पड़ा हो तो उनके चरणों में डालकर यह बताने की कृपा करना कि फूल जैसी एक सुकोमल बाला दुःखित होकर आपके चरणों को चूमना चाहती है।

  1. मुरझाए हुए पुष्प की उपमा किससे की गयी है?

उत्तर-    मुरझाए हुए पुष्प की उपमा वियोग में दुःखी राधा से की गई है।

  1. श्रीकृष्ण के कमलवत् चरणों को कौन चूमना चाहती है?

उत्तर-    कृष्ण के कमलवत् चरणों को अपरोक्ष रूप से राधा चूमना चाहती है।

  1. राधा पवन दूतिका से मुरझाए हुए पुष्प को कहाँ डाल देने के लिए कह रही है?

उत्तर-    राधा पवन-दूतिका से मुरझाये हुए पुष्प को कृष्ण के चरणों में डाल देने को कह रही है।

(6)       यों प्यारे को विदित करके सर्व मेरी व्यथायें।

धीरे धीरे वहन कर के पाँव की धूलि लाना।

थोड़ी सी भी चरण-रज जो ला न देगी हमें तू।

हा! कैसे तो व्यथित चित को बोध मैं दे सकूँगी।।

पूरी होवें न यदि तुझसे अन्य बातें हमारी।

तो तू मेरी विनय इतनी मान ले और चली जा।

छू के प्यारे कमल-पग को प्यार के साथ आ जा।

जी जाऊँगी हृदयतल में मैं तुझी को लगाके।।

प्रश्नोत्तर-

  1. राधिका क्यों पवन को अपने हृदय से लगाकर संतोष करने के लिए कह रही हैं?

उत्तर-    राधिका इसलिए पवन को अपने हृदय से लगाकर संतोष करने के लिए कह रही है कि तुमसे अगर मेरी ये बातें पूरी न हो सके तो तू उनके चरण कमल को छूकर चली आना।

  1. राधिका किससे विनती कर रही है?

उत्तर-    पवन से।

  1. इस पद्यांश में कौन सा अलंकार है?

उत्तर-    रूपक, अनुप्रास।

  1. राधा किसे हृदयतल में लगा के जी जायेंगी?

उत्तर-    श्रीकृष्ण के चरणों को स्पर्श की हुई पवन को।

  1. राधा पवन से क्या प्रार्थना करती है?

उत्तर-    राधा पवन से प्रार्थना करते हुए कहती है कि मेरे विरह की सारी बातें कृष्ण से कहना और वापस आते समय उनकी चरण धूलि ला देना जिसे अपने माथे पर चढ़ाकर दुःखी मन को ढाढ़स बँधा सकूँ। यदि ये बातें पूर्ण न हो सकें तो मेरे प्रियतम के पास जाकर कमल रूपी पैरों को छूकर आ जाना। विरह में मृतप्राय तुझे अपने हृदय से लगाकर पुनः जीवन धारण कर लूँगी।

  1. इस पद्यांश में किस प्रसंग को व्यक्त किया गया है?

उत्तर-    प्रस्तुत पद्यांश में राधिका की पवित्र और सच्ची प्रेम भावना को व्यक्त किया गया है।

  1. इस पद्याँश कौन-सा अलंकार है?

उत्तर-    प्रस्तुत पद्यांश में पुनरुक्तिप्रकाश एवं मानवीकरण अलंकार है।

  1. रेखांकित पंक्ति की व्याख्या कीजिए।

उत्तर-     रेखांकित अंश की व्याख्या- राधा पवन से निवेदन करती है कि यदि तुम मेरे सन्देश को किसी भी रूप में श्रीकृष्ण तक न पहुँचा सको तो तुम मेरे उस प्राणप्रिय श्रीकृष्ण के कमलवत् रूपी चरणों का स्पर्श करके मेरे पास लौट आना। मैं तुझे अपने हृदय से लगाकर अपने प्रियतम के स्पर्श-सुख का अनुभव करके प्राण शक्ति धारण कर लूँ।

 

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